उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, जितने दिन देरी उतना ही देना होगा ब्याज
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब बिजली बिल की नियत तारीख निकलने के बाद पूरे महीने का लेट पेमेंट ब्याज नहीं लगेगा। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को केवल उतने ही दिनों का ब्याज देना होगा, जितने दिन बिल जमा करने में वास्तव में देरी होगी। यह नया नियम 1 जुलाई से लागू किया जा रहा है।
पहले एक दिन की देरी पर भी पूरे महीने का चार्ज
अब तक यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के सिर्फ एक दिन बाद भी बिल जमा करता था, तो उस पर पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज लगाया जाता था। इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ती थी।
अब रोजाना के हिसाब से होगी गणना
नई व्यवस्था में लेट पेमेंट सरचार्ज प्रतिदिन के आधार पर लगाया जाएगा। यानी जितने दिन भुगतान में देरी होगी, उसी अवधि का ही ब्याज देना होगा। इससे एक-दो दिन की देरी करने वाले उपभोक्ताओं को सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
66 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
राज्य में करीब 66 लाख बिजली उपभोक्ता इस बदलाव का लाभ उठा सकेंगे। बिजली नियामक आयोग का मानना है कि यह व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी होगी।
राहत के साथ बढ़ेगा बिजली का खर्च भी
हालांकि, इस राहत के साथ बिजली दरों में भी संशोधन किया गया है। घरेलू और व्यावसायिक श्रेणियों में प्रति यूनिट बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे मासिक बिल पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है। यानी लेट पेमेंट पर राहत मिलेगी, लेकिन सामान्य बिजली बिल पहले की तुलना में कुछ अधिक आ सकता है।










