जेसीबी से काम कराने का झांसा देकर संगठित गिरोह ने बनाया शिकार
बिलासपुर। जिले के कोटा थाना क्षेत्र में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खेत समतल कराने के नाम पर एक संगठित गिरोह ने सेवानिवृत्त शिक्षक से 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खेती योग्य जमीन तैयार कराने की तलाश में थे शिक्षक
जानकारी के अनुसार, श्रीपारा निवासी 65 वर्षीय रामनारायण सिंह पोर्ते सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उनकी ग्राम नवागांव चारापारा में लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि है। खेती के लिए जमीन को समतल कराने की आवश्यकता होने पर वे जेसीबी मशीन की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
राजस्थान से आने का दावा कर जीता भरोसा
बताया जा रहा है कि 22 जून की सुबह एक अज्ञात युवक मोटरसाइकिल से उनके घर पहुंचा। उसने खुद को राजस्थान से आया हुआ बताते हुए खेत समतलीकरण का काम करने की बात कही। युवक ने कम खर्च और कम समय में काम पूरा कराने का भरोसा दिलाया और खेत देखने के बहाने शिक्षक को अपने साथ ले गया।
जेसीबी मशीन दिखाकर किया विश्वास मजबूत
अगले दिन आरोपी फिर शिक्षक के घर पहुंचा और बताया कि उनके खेत में जेसीबी मशीन काम कर रही है। वह उन्हें खेत पर ले गया, जहां वास्तव में एक जेसीबी मशीन कार्य करती दिखाई दी। यह देखकर शिक्षक को आरोपियों पर पूरा भरोसा हो गया।
इसके बाद आरोपियों ने खेत की नापजोख की और पूरे काम का खर्च 9 लाख रुपये बताया। भरोसे में आकर शिक्षक ने आरोपियों के बताए अनुसार राशि दे दी।
रकम लेने के बाद हुए फरार
राशि प्राप्त करने के बाद आरोपी काम पूरा किए बिना फरार हो गए। जब काफी समय तक न तो काम आगे बढ़ा और न ही आरोपियों से संपर्क हो सका, तब पीड़ित को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जुटी गिरोह की तलाश में
कोटा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि गिरोह इसी तरह अन्य लोगों को भी निशाना बना चुका हो सकता है।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति की बातों में आकर बड़ी रकम का लेन-देन न करें। किसी भी ठेकेदार या मशीन संचालक को भुगतान करने से पहले उसकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें, ताकि इस प्रकार की ठगी से बचा जा सके।










