मनेन्द्रगढ़ में जांच के बाद सामने आए गंभीर तथ्य, कोर्ट की अनुमति से हुई कार्रवाई
Manendragarh। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में झूठी शिकायत देकर लोगों को गंभीर मामलों में फंसाने और अनुचित लाभ लेने के प्रयास के आरोप में एक महिला के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार आरोपी महिला सावित्री बसोर ने अपने पति सहित अन्य लोगों पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने, जान से मारने की धमकी देने और अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न अधिकारियों के समक्ष कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की थी।
जांच में आरोप निकले झूठे
जांच के दौरान पुलिस ने सभी उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और तथ्यों का गहन परीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी और शिकायतें पूरी तरह से झूठी तथा भ्रामक पाई गईं। अधिकारियों के अनुसार, महिला द्वारा दिए गए बयान और उपलब्ध साक्ष्यों में कोई मेल नहीं पाया गया।
पहले भी कर चुकी है ऐसी शिकायतें
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित महिला पहले भी इसी तरह की शिकायतें कर लोगों को फंसाने, समझौते के नाम पर धन वसूली करने और शासन की राहत राशि का अनुचित लाभ लेने का प्रयास कर चुकी है।
कोर्ट की अनुमति के बाद कार्रवाई
थाना प्रभारी विवेक पाटले ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मनेन्द्रगढ़ से अभियोजन की अनुमति प्राप्त की। अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 217 और 248 के तहत महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के निर्देश पर की गई है और पूरे मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की गई थी।










