शहीद हेमू कालाणी वार्ड को बताया गया वार्ड क्रमांक-35, बंटी होरा ने लापरवाही पर जताई नाराजगी
रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नगर निगम द्वारा लगाए गए एक बोर्ड में शहीद हेमू कालाणी वार्ड का नाम और वार्ड क्रमांक गलत लिखे जाने का मामला सामने आया है। इस त्रुटि को लेकर पूर्व पार्षद बंटी होरा ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

पूर्व पार्षद बंटी होरा ने बताया कि क्षेत्र का सही नाम शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक-28 है, लेकिन वर्तमान पार्षद कृतिका जैन के निवास के लिए लगाए गए बोर्ड में इसे शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक-35 अंकित कर दिया गया है।

बंटी होरा का कहना है कि यह केवल तकनीकी या टाइपिंग की गलती नहीं है, बल्कि शहीद के सम्मान और वार्ड की सही पहचान से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि संबंधित बोर्ड को तत्काल हटाकर सही जानकारी के साथ नया बोर्ड लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों में किसी प्रकार का भ्रम न फैले और शहीद के नाम का सम्मान भी बना रहे।

फिलहाल इस मामले में नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, बोर्ड में हुई इस गलती को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
नगर निगम के बोर्ड में वार्ड का नाम और क्रमांक गलत, पूर्व पार्षद ने उठाए सवाल
शहीद हेमू कालाणी वार्ड को बताया गया वार्ड क्रमांक-35, बंटी होरा ने लापरवाही पर जताई नाराजगी
रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नगर निगम द्वारा लगाए गए एक बोर्ड में शहीद हेमू कालाणी वार्ड का नाम और वार्ड क्रमांक गलत लिखे जाने का मामला सामने आया है। इस त्रुटि को लेकर पूर्व पार्षद बंटी होरा ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
पूर्व पार्षद बंटी होरा ने बताया कि क्षेत्र का सही नाम शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक-28 है, लेकिन वर्तमान पार्षद कृतिका जैन के निवास के लिए लगाए गए बोर्ड में इसे शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्रमांक-35 अंकित कर दिया गया है।
बंटी होरा का कहना है कि यह केवल तकनीकी या टाइपिंग की गलती नहीं है, बल्कि शहीद के सम्मान और वार्ड की सही पहचान से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि संबंधित बोर्ड को तत्काल हटाकर सही जानकारी के साथ नया बोर्ड लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों में किसी प्रकार का भ्रम न फैले और शहीद के नाम का सम्मान भी बना रहे।
फिलहाल इस मामले में नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, बोर्ड में हुई इस गलती को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।









