बिना अनुमति वाहन खरीदी और तय सीमा से अधिक खर्च का मामला, जिम्मेदारों से वसूली की अनुशंसा
दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में करीब 18.87 लाख रुपये की कार खरीदी को लेकर राज्य संपरीक्षा (ऑडिट) ने गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। ऑडिट रिपोर्ट में वाहन खरीदी प्रक्रिया में कई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय ने वित्त विभाग की पूर्व अनुमति के बिना नए वाहन की खरीदी की। इसके अलावा शासन द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमा से लगभग तीन गुना अधिक राशि खर्च करने की बात सामने आई है। ऑडिट टीम ने पूरी प्रक्रिया को वित्तीय नियमों और भंडार क्रय नियमों के विपरीत बताया है।

वित्त विभाग की अनुमति के बिना खरीदी गई कार
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी संस्थाओं में नया वाहन खरीदने से पहले छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वाहन खरीदी से पहले यह प्रक्रिया पूरी नहीं की।

संपरीक्षा दल ने इसे वित्तीय संहिता का उल्लंघन मानते हुए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की अनुशंसा की है।
तय सीमा से अधिक राशि खर्च करने पर सवाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि वाहन खरीदी में शासन द्वारा निर्धारित सीमा का पालन नहीं किया गया और तय राशि से काफी अधिक खर्च किया गया। ऑडिट ने इस पर सवाल उठाते हुए वित्तीय नियंत्रण में लापरवाही की ओर इशारा किया है।

अधिकारियों-कर्मचारियों से वसूली की अनुशंसा
राज्य संपरीक्षा ने मामले में जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों से खर्च की गई राशि की वसूली की अनुशंसा भी की है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ऑडिट आपत्तियों के बाद वाहन खरीदी प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों पर सवाल उठ रहे हैं।









