विद्यार्थियों ने निभाई मतदाता की भूमिका, प्रधानमंत्री सहित पांच पदों के लिए किया प्रतिनिधियों का चयन
रायगढ़। विकासखंड रायगढ़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली से व्यवहारिक रूप से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित बाल संसद गठन प्रक्रिया का शनिवार को गुप्त मतदान के साथ सफल समापन हुआ। विद्यालयों में लोकतंत्र का उत्सव देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों ने उत्साह, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

एक जुलाई से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों ने मतदान कर बाल संसद के प्रधानमंत्री सहित पांच प्रमुख पदों के लिए अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।

पांच पदों के लिए हुआ चुनाव
बाल संसद गठन के लिए विद्यालयों में प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री, पर्यावरण एवं संस्कृति मंत्री तथा खेल मंत्री के पदों पर मतदान कराया गया।

चुनाव प्रक्रिया को वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वरूप देने के लिए प्रत्याशियों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह भी आवंटित किए गए। इनमें पुस्तक, कलम, डस्टर, थर्मस सहित अन्य चिन्ह शामिल थे।

प्रत्याशियों ने रखे अपने घोषणा-पत्र
मतदान से पहले प्रत्याशियों ने विद्यार्थियों के सामने अपने घोषणा-पत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने, स्वच्छता को बढ़ावा देने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और खेल गतिविधियों को बेहतर बनाने जैसे संकल्प रखे।
विद्यार्थियों ने प्रत्याशियों के विचारों और योजनाओं के आधार पर अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दिया।
शिक्षकों ने निभाई निर्वाचन आयोग की भूमिका
मतदान के दौरान विद्यालयों में वास्तविक चुनाव जैसा माहौल नजर आया। प्रधान पाठक और शिक्षकों ने निर्वाचन आयोग की भूमिका निभाते हुए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।
बाल संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल लोकतंत्र की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और निर्णय लेने की भावना भी विकसित हुई।









