यह कार्रवाई बिलासपुर के जरहाभाठा मंदिर चौक स्थित पेट पाइंट शॉप में की गई, जहां से वन विभाग ने चार इंडियन रूफ्ड टर्टल (कछुए) जब्त किए। दुकान संचालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
राजधानी में क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
बिलासपुर में हुई कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि रायपुर में खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार पर वन विभाग अब तक खामोश क्यों है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में तोते और कछुए आसानी से बिक जाते हैं, लेकिन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। विशेषज्ञों ने आम लोगों से अपील की है कि वे ऐसे जीवों की खरीद-फरोख्त से बचें और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी वन विभाग को दें।








