37 गौवंश और 7 भैंसों को कराया मुक्त, सात तस्कर गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश जारी
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ पुलिस का विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इसी अभियान के तहत तपकरा थाना और मनोरा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 37 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। तपकरा क्षेत्र में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि मनोरा क्षेत्र में तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

झारखंड ले जाए जा रहे थे गौवंश
पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई की सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि सड़वा जंगल के रास्ते बड़ी संख्या में गौवंशों को अवैध रूप से झारखंड की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर जंगल के रास्ते से गुजर रहे संदिग्ध लोगों को रोककर जांच की।

जांच के दौरान पुलिस ने 28 गौवंशों को अवैध रूप से ले जाते हुए सात तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। सभी गौवंशों को सुरक्षित कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।

मनोरा क्षेत्र में तस्कर हुए फरार
वहीं मनोरा चौकी क्षेत्र में की गई दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने 9 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। हालांकि पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही तस्कर जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

अभियान रहेगा जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में गौ तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा। अवैध पशु परिवहन और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









