शिक्षा विभाग को फर्जी बिलों से लगाया चूना, पहले निलंबन अब धोखाधड़ी का मामला दर्ज
बिलासपुर। शिक्षा विभाग में फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट बिलों के जरिए करीब 30 लाख रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 10 महीने बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिक्षक साधेलाल पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने समेत चार गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पति-पत्नी पहले ही हो चुके हैं निलंबित
जानकारी के अनुसार, बिल्हा ब्लॉक के पौंसरा संकुल समन्वयक एवं शिक्षक नेता साधेलाल पटेल और उनकी पत्नी राजकुमारी पटेल पर फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट बिलों के माध्यम से विभाग से करीब 30 लाख रुपये की राशि निकालने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों को निलंबित कर दिया था।

फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप
पुलिस जांच में आरोप है कि मेडिकल प्रतिपूर्ति के लिए फर्जी दस्तावेज और कूटरचित बिलों का उपयोग कर सरकारी राशि का गबन किया गया। शिकायत और विभागीय जांच के आधार पर अब कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

जांच में सामने आ सकते हैं नए तथ्य
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। दस्तावेजों की सत्यता, भुगतान प्रक्रिया और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







