गांव में कैंप लगाकर पुलिस ने जुटाए सबूत, वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक जांच से सुलझा अंधा कत्ल
रायगढ़। जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के छापरपानी गांव में 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की मासूम बेटी की निर्मम हत्या के बहुचर्चित अंधे कत्ल की गुत्थी आखिरकार रायगढ़ पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
यह मामला पुलिस के लिए बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह स्वयं पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। उनके निर्देश पर लैलूंगा थाना पुलिस ने गांव में कैंप लगाकर लगातार साक्ष्य जुटाए और हर पहलू की बारीकी से जांच की।
वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक जांच से मिली सफलता
पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीकों का सहारा लिया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, संदिग्धों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। लंबी जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
दोहरे हत्याकांड से इलाके में फैली थी सनसनी
महिला और उसकी 10 माह की मासूम बच्ची की हत्या की घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल था। पुलिस पर जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का दबाव था। अब इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।
पुलिस करेगी पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा
पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। मामले से जुड़े सभी तथ्यों और हत्या के पीछे की वजह का विस्तृत खुलासा पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कर सकती है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।








