कलेक्टर परिसर में अनुशासनहीनता पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, मुख्य लिपिक पर गिरी गाज
Khairagarh। कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित जिला आबकारी कार्यालय के कर्मचारियों के कथित शराब सेवन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य लिपिक सहित दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इस घटना ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया वीडियो से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में जिला आबकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 सुजीत पुरी गोस्वामी और मुख्य लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव कथित तौर पर शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की जांच की मांग तेज हो गई।
कार्यालयीन समय में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई
प्रारंभिक जांच और विभिन्न माध्यमों में प्रसारित वीडियो के आधार पर प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत संज्ञान लिया। आदेश में कहा गया कि कार्यालयीन समय के दौरान कार्यालय कक्ष में शराब सेवन प्रथम दृष्टया गंभीर अनुशासनहीनता और शासकीय आचरण के विपरीत है।
मुख्य लिपिक निलंबित, मुख्यालय निर्धारित
अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत मुख्य लिपिक वीरेंद्र सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला आबकारी कार्यालय, Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासनिक सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासनहीनता और मर्यादा के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








