बाल चौपाल के माध्यम से बच्चों से किया संवाद
सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने जिले के प्रवास के दौरान ग्राम भीखमपुरा स्थित सपेरा बस्ती का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘बाल चौपाल’ के माध्यम से बस्ती में रहने वाले बच्चों से सीधा संवाद किया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों तक पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, मानसिक एवं सामाजिक विकास तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना रहा।
बच्चों को दी गई अधिकारों और सुरक्षा की जानकारी
बाल चौपाल के दौरान अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बच्चों के मानसिक विकास, स्वास्थ्य और भौतिक विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।कार्यक्रम में बालिकाओं को विशेष रूप से ‘गुड टच और बैड टच’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि वे किसी भी प्रकार की असुरक्षा की स्थिति को समझ सकें और समय पर उचित कदम उठा सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने पर जोर
अध्यक्ष ने कहा कि बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक भी पहुंचना चाहिए। इसी उद्देश्य से बाल चौपाल जैसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी बात साझा की।








