ट्रैक्टर चालक ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर किया जहर सेवन, कलेक्टर ने तीन दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
कसडोल तहसील के ग्राम सिनोधा में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए विवाद के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी पर लगे आरोपों की जांच अब एसडीएम कसडोल आर.आर. दुबे के ने तृत्व में गठित टीम करेगी। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को पकड़ा और उसे थाना कसडोल के सुपुर्द कर दिया। कार्रवाई से नाराज ट्रैक्टर चालक ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है।
चालक ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप
घटना के बाद ट्रैक्टर चालक ने नायब तहसीलदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। मामला सामने आते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और जांच के आदेश जारी किए। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नायब तहसीलदार से मांगा गया स्पष्टीकरण
एसडीएम आर.आर. दुबे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी अभियान के तहत कार्रवाई की गई थी। चालक द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अपने जवाब में उन्होंने रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच, क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी रहने की बात भी अधिकारियों ने दोहराई है।







