पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला
दुर्ग। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट विवाद में चर्चा में आए दो यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, उगाही और धमकी देने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) के तहत दूसरी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आधार कार्ड की फोटोकॉपी के बहाने पहुंचे थे कार्यालय
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, ग्राम उमदा निवासी नेहा मिश्रा पिछले पांच वर्षों से ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन कर रही हैं। नेहा का आरोप है कि कुछ समय पहले सागर साहू अपने साथी पुष्पराज सिंह के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने उनके कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान हुई बातचीत को कथित तौर पर तोड़-मरोड़कर वीडियो तैयार किया गया और उसे समाचार के रूप में वायरल करने की योजना बनाई गई।
वीडियो हटाने के बदले मांगे 50 हजार रुपए
महिला ने शिकायत में बताया कि 3 जून को आरोपियों ने वीडियो हटाने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग की। बदनामी के डर से उन्होंने अपनी जमा पूंजी से 35 हजार रुपए दोनों को दे दिए। शिकायत के अनुसार, रकम मिलने के बाद वीडियो हटा दिया गया था।
दो लाख रुपए नहीं देने पर वायरल किए कई वीडियो
नेहा मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपियों ने उनसे दो लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की। रकम नहीं देने पर बदनाम करने और नए वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करने की धमकी दी गई। शिकायत में कहा गया है कि मांग पूरी नहीं होने पर तीन से अधिक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिए गए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
सामाजिक छवि प्रभावित होने का दावा
महिला का कहना है कि वायरल वीडियो के कारण उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि उन्हें अपने ग्राहक सेवा केंद्र जाने में भी शर्मिंदगी महसूस हो रही है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










