भाजपा समर्थित पंच पर धोखाधड़ी और जमीन हड़पने का आरोप
बिलासपुर। जिले में एक 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला द्वारा इच्छा मृत्यु की मांग किए जाने का मामला सामने आया है। कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत रहने वाली बालकुंवर बसोर ने भाजपा समर्थित पंच पर धोखाधड़ी कर करीब 90 लाख रुपए की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। न्याय नहीं मिलने से परेशान बुजुर्ग महिला ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
पति और तीन बेटों को खो चुकी हैं पीड़िता
बालकुंवर बसोर बेलगहना की निवासी हैं। उन्होंने अपने पति और तीन बेटों को खो दिया है। वर्तमान में उनकी बेटी उनके साथ रहकर देखभाल करती है। बुजुर्ग महिला झौवा-टुकनी (बांस की टोकरियां) बनाकर और बेचकर अपना जीवनयापन करती हैं।
केवाईसी और धान पंजीयन के नाम पर बनाया भरोसा
पीड़िता का आरोप है कि केन्दा निवासी भाजपा समर्थित पंच फगुन प्रसाद प्रजापति उर्फ मोनू ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाया। उसने बैंक केवाईसी, धान पंजीयन और बीमा संबंधी कार्यों में मदद का भरोसा दिलाकर उनसे नजदीकी बढ़ाई। इसी दौरान कथित रूप से धोखे से उनके दस्तावेज और बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर ली।
खाते से 23 लाख रुपए ट्रांसफर कराने का आरोप
बालकुंवर बसोर का आरोप है कि 14 दिसंबर 2021 को आरोपी ने उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से 23 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसके अलावा ग्राम पंचायत लूफा स्थित खसरा नंबर 763 और 991/2 की लगभग 2.5 हेक्टेयर कृषि भूमि भी अपने नाम करा ली। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी घर में रखा सोना-चांदी भी ले गया।
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ी निराशा
बुजुर्ग महिला का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से निराश होकर उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा।
मामला सामने आने के बाद दर्ज हुआ केस
मामला सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने आरोपी फगुन प्रसाद प्रजापति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की आस में बुजुर्ग महिला
87 वर्षीय बालकुंवर बसोर अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठी हैं। उनका कहना है कि जीवनभर की कमाई और संपत्ति खोने के बाद उनके पास संघर्ष करने की ताकत नहीं बची है, इसलिए उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।








