भिलाई एक्सचेंज यार्ड में सिग्नलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा सुधार
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने माल परिवहन अवसंरचना को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के मार्गदर्शन में सिग्नल एवं दूरसंचार प्रोजेक्ट यूनिट ने राइट्स (RITES) के सहयोग से भिलाई एक्सचेंज यार्ड में व्यापक सिग्नलिंग एवं आधारभूत संरचना उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
इस परियोजना के तहत यार्ड में दो नई लाइनें चालू की गई हैं और दो अन्य लाइनों को इंटरलॉक कर आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली तथा ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) से पूरी तरह सुसज्जित किया गया है।
544 रूट्स वाले व्यस्त यार्ड की क्षमता में बढ़ोतरी
भिलाई एक्सचेंज यार्ड दक्षिण पूर्व पूर्व मध्य रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त माल यार्डों में से एक है, जहां 544 रूट्स का विशाल नेटवर्क संचालित होता है। इस उन्नयन कार्य के दौरान यार्ड के रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) सिस्टम में आवश्यक संशोधन कर नई लाइनों और क्रॉसओवरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है।
परियोजना के अंतर्गत एल्डाइन के मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर सिस्टम के 14 डिजिटल एक्सल काउंटर लगाए गए हैं तथा 5 क्रॉसओवरों को इंटरलॉक किया गया है। इससे ट्रेनों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।
तेज और सुरक्षित माल परिवहन की दिशा में कदम
नई लाइनों को अत्याधुनिक एंट्री-एग्जिट सिग्नलिंग सिस्टम और पूर्ण OHE सुविधा से सुसज्जित किया गया है, जिससे इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के माध्यम से निर्बाध शंटिंग संचालन संभव हो सकेगा। इससे मालगाड़ियों के टर्नअराउंड समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
इस परियोजना के तहत यार्ड में एंड अनलोडिंग रेक्स के निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव के लिए विशेष सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। विशेष रूप से लाइन संख्या 18 और 19 को रखरखाव कार्यों के लिए तैयार किया गया है।
24 घंटे मरम्मत सुविधा से संचालन और मजबूत
चौबीसों घंटे रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए 6 हेवी-ड्यूटी वेल्डिंग प्लांट और 30 वेल्डिंग टर्मिनल स्थापित किए गए हैं। इससे किसी भी स्थान पर खड़े वैगन की तुरंत मरम्मत संभव होगी।
नई व्यवस्था के बाद छोटी और मध्यम श्रेणी की मरम्मत अब सीधे रेक पर ही की जा सकेगी, जिससे परिचालन दक्षता में और सुधार होगा।
दक्षिण पूर्व पूर्व मध्य रेलवे की यह पहल माल परिवहन को तेज, सुरक्षित और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।










