बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पेंडारी गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों ने इसे सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या बताया है और न्याय की मांग को लेकर थाने के चक्कर लगा रहे हैं।
मामला क्या है
सकरी क्षेत्र के पेंडारी गांव में रहने वाले अजय सिंह (50) खेती-किसानी करते हैं। उनका बेटा अरविंद सिंह ट्रांसपोर्टिंग का काम करता था। परिजनों के अनुसार, 22 जून की शाम करीब 6 बजे अरविंद को उसका दोस्त तरुण सिंह घर से बुलाकर ले गया था।
घर से बुलाकर ले गए दोस्त
परिजनों का आरोप है कि अरविंद को उसके दोस्त काम के बहाने बिल्हा मोड़ के पास ले गए, जहां ट्रक संबंधी काम कराने की बात कही गई थी। इसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। रात करीब 9 बजे तक संपर्क नहीं होने पर परिवार ने कॉल किया तो अरविंद ने जल्द घर लौटने की बात कही थी और बताया था कि वह हेमंत सिंह और अजय शर्मा के साथ है।
मौत को लेकर परिजनों का आरोप
परिजनों का कहना है कि बाद में उन्हें सूचना दी गई कि अरविंद का एक्सीडेंट हो गया है। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो उसकी मौत हो चुकी थी। पिता अजय सिंह का आरोप है कि यह कोई सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले की जांच के लिए जब वे थाने पहुंचे तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि यह मामला दूसरे जिले का है। परिजनों का कहना है कि पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही और वे लगातार न्याय के लिए भटक रहे हैं।
न्याय की मांग
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।










