‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ बिल 2026 के प्रारूप और डिजिटल गवर्नेंस पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों, निवेश संवर्धन और डिजिटल गवर्नेंस को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में वरिष्ठ सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (डीरिग्युलेशन एंड फैसिलिटेशन) बिल, 2026” के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य में निवेश बढ़ाने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शासकीय सेवाओं को अधिक पारदर्शी व समयबद्ध करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ मॉडल पर जोर
बैठक के दौरान ‘इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें पांच प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित कार्यप्रणाली को लागू करने, 180 शासकीय सेवाओं को सरल बनाने तथा नौ विभागों को इस व्यवस्था से जोड़ने के प्रस्तावों पर भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
डिजिटल सुविधा और पारदर्शिता पर फोकस
बैठक में यह भी तय किया गया कि नागरिकों को शासकीय सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया जाएगा। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नियामकीय सुधारों पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित सुधारों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि आम जनता और निवेशकों दोनों को इसका सीधा लाभ मिल सके।










