बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर की गई थी संगठित साइबर ठगी
दुर्ग। बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर ₹1.60 करोड़ की बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यह प्रकरण रेंज साइबर थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 03/2026, धारा 318(2), 318(4), 336(3) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
आरोपियों ने स्वयं को बीमा लोकपाल कार्यालय का अधिकारी बताकर पीड़ित को बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा दिया और अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराकर लगभग ₹1 करोड़ 60 लाख की ठगी को अंजाम दिया।
बैंक खातों के जरिए विदेशी नेटवर्क से जुड़ा मामला
जांच के दौरान पूर्व में एक बैंक खाताधारक की गिरफ्तारी की जा चुकी थी। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर विशेष पुलिस टीम को दिल्ली भेजा गया, जहां से तीन आरोपियों को चिन्हित किया गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनमीत सिंह (42 वर्ष, तिलक विहार, तिलक नगर, नई दिल्ली), ईशांत माहे उर्फ ईशु (37 वर्ष, चंदर विहार, निलोठी एक्सटेंशन, दिल्ली) और अमनदीप सिंह (33 वर्ष, मूल निवासी श्रीगंगानगर, राजस्थान) के रूप में हुई है।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसों के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराया। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों का उपयोग एक विदेशी (नाइजीरियन) साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।
दिल्ली से गिरफ्तारी, न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड
सभी आरोपियों को 01 जुलाई 2026 को दिल्ली से विधिवत गिरफ्तार कर तीस हजारी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उन्हें दुर्ग लाया गया। फिलहाल मामले में अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है।












