सहकारी समितियों के माध्यम से लगातार हो रहा उर्वरक वितरण
Mahasamund जिले में खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद भंडारण और वितरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सहकारी समितियों और विक्रय केंद्रों में किसानों की आवश्यकता के अनुसार लगातार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो और किसानों को समय पर खाद मिल सके।
किसानों की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित
जिले में वर्तमान में किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे हुए हैं और सहकारी समितियों से नियमित रूप से खाद का उठाव कर रहे हैं। कृषि विभाग का कहना है कि किसानों की मांग के अनुसार उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
36 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण
उप संचालक कृषि F.R. Kashyap ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की सहकारी समितियों में अब तक कुल 36,264 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 54.08 प्रतिशत है।
भंडारित उर्वरकों में शामिल हैं—
यूरिया: 17,717 टन
सुपर फास्फेट: 7,327 टन
पोटाश: 2,709 टन
डीएपी: 4,778 टन
12:32:16 मिश्रित उर्वरक: 3,733 टन
16 हजार मीट्रिक टन से अधिक का वितरण पूरा
कृषि विभाग के अनुसार अब तक जिले में कुल 16,338 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जो कुल भंडारण का 60.42 प्रतिशत है। वितरण कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से लगातार जारी है।
कृषि कार्यों को समय पर समर्थन देने का लक्ष्य
विभाग ने कहा है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे कृषि उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।








