स्वरोजगार और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों ने लगाए स्टॉल
Mahasamund। जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने, स्व-सहायता समूहों एवं हितग्राहियों को आजीविका से जोड़ने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आजीविका मेला 2026 का आयोजन किया गया।
यह मेला वन विद्यालय के प्रशिक्षण हाल में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में हितग्राही एवं ग्रामीण शामिल हुए।
विभिन्न विभागों ने लगाए जानकारीपूर्ण स्टॉल
मेले में श्रम विभाग, पशुपालन विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, आरसेटी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, कौशल विकास विभाग, जिला रोजगार केंद्र, बिहान सहित कई विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए।
इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण, हितग्राहियों से किया संवाद
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल, कलेक्टर विनय लंगेह और जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और हितग्राहियों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों को जाना।
महिलाओं के स्व-सहायता समूहों पर विशेष जोर
जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल ने कहा कि आजीविका मेला ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को आगे बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और लोगों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्राप्त होते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए इस तरह के मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।










