आत्मसमर्पण के बाद बदली जिंदगी, सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ा कदम
नारायणपुर। हिंसा का रास्ता छोड़कर जब कोई व्यक्ति मुख्यधारा में लौटता है, तो न सिर्फ उसका जीवन बदलता है बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश जाता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है जिला के ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोहकामेटा निवासी कमलू राम नुरेटी की।
2013 में किया आत्मसमर्पण, नई शुरुआत का लिया संकल्प
कमलू राम नुरेटी कभी नक्सल संगठन की गतिविधियों से जुड़े हुए थे, लेकिन वर्ष 2013 में उन्होंने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का साहसिक निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक नई जिंदगी की शुरुआत की।
सम्मानजनक जीवन जी रहे कमलू राम
मुख्यधारा में लौटने के बाद कमलू राम न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि आज वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं और पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सहयोग भी मिला, जिससे उनका जीवन स्थिर और सुरक्षित हुआ है।
दूसरों के लिए बन रहे प्रेरणा स्रोत
कमलू राम नुरेटी की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है जो भटकाव की राह पर हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सही निर्णय और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी व्यक्ति अपने भविष्य को बदल सकता है।










