अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सिस्टम कमजोर, छत्तीसगढ़ में बारिश सामान्य से काफी कम दर्ज
Raipur: मानसून के आगमन के बाद जहां प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद थी, वहीं स्थिति इसके उलट बनी हुई है। मध्य छत्तीसगढ़ में एक बार फिर गर्मी और उमस बढ़ गई है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मौसम के अस्थिर रहने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन भारी बारिश के कोई मजबूत संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त मौसम प्रणाली (सिस्टम) विकसित नहीं होने के कारण मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ी हुई हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, जून के बीते 21 दिनों में छत्तीसगढ़ में केवल 32.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम है। प्रदेश के किसी भी जिले में अब तक बारिश का सामान्य कोटा पूरा नहीं हो पाया है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले वर्ष मई के अंत तक मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया था, जबकि इस बार स्थिति बिल्कुल विपरीत है। मानसून अभी तक बस्तर क्षेत्र तक भी पूरी तरह प्रवेश नहीं कर सका है, जिससे वर्षा की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक समुद्री क्षेत्रों में मजबूत सिस्टम विकसित नहीं होता, तब तक बारिश में तेजी आने की संभावना कम ही है।








