राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनजागरूकता बढ़ाने की अपील
बालोद। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बालोद जिले को शत-प्रतिशत टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और जागरूकता फैलाने की अपील की है।
स्वास्थ्य चेतना में अग्रणी रहा है बालोद
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि बालोद जिला हमेशा से स्वास्थ्य जागरूकता और सामूहिक जनभागीदारी के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जिले के सभी नागरिक एकजुट होकर क्षय रोग के समूल उन्मूलन का संकल्प लें और इसे जनआंदोलन का रूप दें।
टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगा बल
उन्होंने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान, नियमित उपचार और जनसहयोग से इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए आम लोगों की भागीदारी बेहद आवश्यक है।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
कलेक्टर ने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन में कमी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। शीघ्र जांच और उपचार से न केवल मरीज स्वस्थ होता है, बल्कि संक्रमण के प्रसार को भी रोका जा सकता है।
जनसहयोग से साकार होगा टीबी मुक्त बालोद का सपना
जिला प्रशासन ने लोगों से टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने, भ्रांतियों को दूर करने तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। कलेक्टर ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयास, जनजागरूकता और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से बालोद जिले को जल्द ही टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।








