किसानों को टिकाऊ और लाभकारी कृषि पद्धतियों की दी गई जानकारी
रायपुर/सारंगढ़। किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने तथा टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी प्रांगण में ‘प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला’ तथा ‘खेती बचाओ अभियान’ का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से जैविक खेती के आधुनिक तरीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना रहा।
मंत्री टंकराम वर्मा ने किया पौधारोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन और कृषि की स्थिरता के लिए वृक्षारोपण और प्राकृतिक खेती दोनों ही आवश्यक हैं।
‘गौ ग्राम जनजागरण वाहन’ को दिखाई हरी झंडी
इस अवसर पर मंत्री ने ‘गौ ग्राम जनजागरण वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को गौ आधारित कृषि, जैविक खाद के उपयोग और प्राकृतिक खेती के लाभों के प्रति जागरूक करेगा।
किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खेती की तकनीकों, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया।







