सोशल मीडिया विज्ञापन बना जाल
Surat में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फेसबुक पर दिखे एक वजन घटाने के विज्ञापन ने एक गृहिणी को करोड़ों रुपये के जाल में फंसा दिया। महिला ने विज्ञापन देखकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज किया और यहीं से साइबर अपराधियों ने उसे निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पांच महीने में 1.77 करोड़ की ठगी
जानकारी के अनुसार, लगभग पांच महीने के भीतर पीड़िता से कुल 1 करोड़ 77 लाख 40 हजार 500 रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने अलग-अलग तरीकों से उसे विश्वास में लेकर लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए।
फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा था पूरा खेल
सूरत साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क गुरुग्राम स्थित एक कंपनी से संचालित हो रहा था, जिसका नाम क्योरेस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड बताया गया है। यहां एक हाईटेक कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, जहां से देशभर की महिलाओं को निशाना बनाया जाता था।
फर्जी डॉक्टर और झूठा भरोसा
जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य अरसलान अपनी आवाज बदलकर कभी खुद को “डॉ. एमके खन्ना” तो कभी “डॉ. आकाश मल्होत्रा” बताता था। कॉल सेंटर में काम करने वाली हीना और निशा कुमारी भी फर्जी नामों से बात कर महिलाओं को भरोसे में लेती थीं। पीड़िता को फर्जी मेडिकल फाइल और बॉडी प्रोफाइल दिखाकर इलाज का झांसा दिया गया।
देशभर में 80 करोड़ रुपये की ठगी का नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह संगठित गिरोह देशभर की महिलाओं को निशाना बनाकर करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। साइबर क्राइम ब्रांच इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
पुलिस की जांच जारी
साइबर पुलिस ने मामले में कई अहम सुराग जुटाए हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क है, जो सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाता है।









