EWS मकानों में सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप, विधायक कॉलोनी के लिए घर तोड़े जाने पर बढ़ा विरोध, कांग्रेस विधायक ने सरकार पर साधा निशाना।
रायपुर| रायपुर (नवा रायपुर), छत्तीसगढ़: नकटी गांव में विधायक कॉलोनी निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। अपने घर टूटने के बाद प्रभावित ग्रामीण बड़ी संख्या में रायपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन EWS मकानों में उन्हें बसाया गया है, वहां पीने का पानी, बिजली, सड़क, सीवर और अन्य बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। इसी मांग को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।
‘पहले घर तोड़े, अब सुविधाओं के लिए भटक रहे लोग’
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने उनके पुराने घरों को हटाकर उन्हें नए EWS मकान तो दे दिए, लेकिन वहां रहने लायक मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। उनका आरोप है कि बिना पूरी व्यवस्था किए उन्हें विस्थापित कर दिया गया, जिससे परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस विधायक का बड़ा बयान
इस पूरे मामले में कांग्रेस विधायक ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “गरीबों का घर उजाड़कर हमें विधायक आवास नहीं चाहिए।” उन्होंने मांग की कि जब तक विस्थापित परिवारों को सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिलता, तब तक विधायक आवास परियोजना पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
प्रशासन पर उठे कई सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जमीन पर उनका कब्जा अवैध था, तो वर्षों तक उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे मिलता रहा। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई सरकारी भूमि को खाली कराने और प्रस्तावित विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए की गई है तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।
अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर
कलेक्ट्रेट घेराव के बाद मामला और राजनीतिक हो गया है। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि विपक्ष भी सरकार पर लगातार हमलावर है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन EWS कॉलोनी की सुविधाओं को लेकर क्या फैसला करता है और क्या प्रभावित परिवारों की मांगों का जल्द समाधान निकल पाएगा।









