मंडी निधि से 22 सड़कों के लिए स्वीकृत हुए थे 3.79 करोड़ रुपये, ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
गरियाबंद। जिले के बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में मंडी निधि से कराए जा रहे सीसी सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 3 करोड़ 79 लाख 48 हजार रुपये की लागत से स्वीकृत 22 सीसी सड़कों में से कई सड़कों पर निर्माण के कुछ ही महीनों बाद बड़ी-बड़ी दरारें नजर आने लगी हैं।
कुछ महीनों में ही सड़कें हुईं जर्जर
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। यही वजह है कि निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही सड़कें खराब होने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़कें इसी तरह जल्द टूटती रहीं तो सरकारी राशि का बड़ा हिस्सा बेकार चला जाएगा।
2025 में जारी हुए थे कार्य आदेश
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में मंडी निधि से 22 सीसी सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित ठेका कंपनियों को अगस्त 2025 से कार्य आदेश जारी किए गए थे।
कई सड़कें अभी भी अधूरी
इन निर्माण कार्यों में कुछ सड़कों का काम पूरा हो चुका है, लेकिन कई सड़कें अब भी अधूरी पड़ी हुई हैं। वहीं, जिन सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, उनमें से कुछ पर दरारें आने से निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़कों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने और निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि करोड़ों रुपये की लागत से हुए इन सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विभाग क्या कदम उठाता है।







