पुलिस की FIR में दो साल से ज्यादा की देरी पर कोर्ट ने जताई नाराजगी, परिवार को 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में 34 वर्षीय श्रवण की हिरासत में हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया।
CBI करेगी मामले की स्वतंत्र जांच
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी है। अदालत ने CBI को जांच तेजी से पूरी करने और अगली सुनवाई में अपनी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
FIR में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने में हुई दो साल से अधिक की देरी को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जांच CBI को सौंपने का फैसला किया।
परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को मृतक श्रवण के परिवार को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। अदालत के इस आदेश से मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
13 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने CBI को जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होगी।








