जल, जंगल और जमीन के बेहतर प्रबंधन के साथ पात्र वनवासियों को वन अधिकार पत्र देने पर विशेष बल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के बेहतर समन्वय के साथ जल, जंगल और जमीन के संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में पेसा एवं एफआरए टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में वनवासियों के हितों की रक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वन अधिकार अधिनियम के तहत सभी पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार वन संसाधन अधिकार पत्र उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।







