बिलासपुर से इंदौर तक CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची RPF, जेसीबी बकेट ट्रैक पर छोड़ने से पटरी से उतरे थे मालगाड़ी के तीन वैगन
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के करगी रोड रेलवे स्टेशन पर हुई मालगाड़ी डिरेलमेंट की घटना के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर से इंदौर तक के रेलवे स्टेशनों की CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर RPF ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

13 जुलाई को हुआ था हादसा
दरअसल, 13 जुलाई की दोपहर करीब 2:20 बजे करगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 स्थित लाइन नंबर-3 पर मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो डिब्बों के नीचे जेसीबी मशीन का बकेट फंसा हुआ मिला। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

मालगाड़ी आती देख ट्रैक पर छोड़ दिया भारी बकेट
रेलवे की जांच में सामने आया कि जेसीबी का बकेट प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर उतारा गया था। इसके बाद 5-6 मजदूर उसे प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान मालगाड़ी को आता देखकर मजदूर भारी बकेट को ट्रैक पर ही छोड़कर भाग गए। मालगाड़ी के बकेट से टकराने के कारण उसके तीन वैगन पटरी से उतर गए।

10 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य ठेकेदार की तलाश जारी
RPF ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना (25), नरहर सिंह उर्फ पिंटू (35), देवा सिंह (38), बुद्धू सिंह (49), छत्रपति मरावी (32), लोकेश मांडवी (19), अनुराग मरावी (31), अभिषेक यादव (21), जेसीबी बकेट मंगवाने वाला मोहम्मद शमीर (24) और कोच अटेंडेंट अमित यादव (23) शामिल हैं।

वहीं, मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अब भी फरार है। RPF उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर आगे भी जांच जारी है।








