दोनों राज्य अपने-अपने पेंशनरों के लिए सीधे जारी कर सकेंगे कार्यकारी आदेश
रायपुर। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब दोनों राज्यों के पेंशनरों को महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) में वृद्धि के लिए दूसरे राज्य की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों राज्यों के वित्त विभागों ने प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने और पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

पहले आपसी सहमति की थी व्यवस्था
अब तक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशनरों की महंगाई राहत में वृद्धि के लिए आपसी सहमति की प्रक्रिया लागू थी। इस व्यवस्था के कारण कई बार महंगाई राहत बढ़ाने से जुड़े निर्णय में देरी की स्थिति बनती थी।

पेंशनरों की सुविधा और प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से दोनों राज्यों ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है।

अब सीधे जारी होंगे आदेश
वित्त विभाग के निर्णय के अनुसार, अब महंगाई राहत बढ़ाने या घोषित करने के लिए दूसरे राज्य से सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार अपने-अपने पेंशनरों के लिए सीधे कार्यकारी आदेश जारी कर सकेंगी।

इस फैसले से दोनों राज्यों के पेंशनरों को महंगाई राहत से जुड़े निर्णयों के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार के इस निर्णय को पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








