मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने पर दिया गया जोर
रायपुर। राजधानी रायपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने बस संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देशानुसार सिविल लाइन स्थित सी/4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में 20 से अधिक बस संचालकों ने भाग लिया। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए।

पुलिस और बस संचालकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और बस संचालकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था, ताकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किसी भी अवैध गतिविधि के लिए न हो सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बस संचालक कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और उनकी सतर्कता से अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) गौरव मंडल, अनुज कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं साइबर) संजय सिंह, नरेश पटेल सहित एसीसीयू के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बस संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपने सभी चालक, परिचालक (क्लीनर) और अन्य कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं।

रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के दिए निर्देश
पुलिस ने बस संचालकों से कर्मचारियों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर, स्थायी एवं वर्तमान पता, फोटो सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, सामान या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम और समन्वय बैठकें आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाया जा सके।








