ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग में बाधा डालने और जमीन विवाद को लेकर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
रायपुर। राजधानी रायपुर के अवंती विहार इलाके में जमीन विवाद को लेकर नया मामला सामने आया है। भारतीय संत सनातन धर्म रक्षा संघ ने एक विधवा महिला की ओर से शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि कथित रूप से जमीन पर कब्जे और दस्तावेजों के आधार पर ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग की प्रक्रिया में बाधा डाली जा रही है। संगठन ने विद्युत विभाग से निष्पक्ष कार्रवाई कर पीड़ित महिला को राहत देने की मांग की है।

सात महीने पहले दिया था ट्रांसफार्मर हटाने का आवेदन
संगठन के अनुसार, अवंती विहार निवासी विधवा महिला ने अपने मकान के सामने लगे हाईटेंशन ट्रांसफार्मर को हटाने अथवा स्थानांतरित करने के लिए करीब सात महीने पहले बिजली विभाग में आवेदन दिया था। विभाग द्वारा जारी डिमांड नोट के अनुसार महिला ने जनवरी 2026 में निर्धारित राशि भी जमा कर दी थी।

दस्तावेजों के आधार पर दर्ज हुई आपत्ति
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद अश्वनी गुप्ता नामक व्यक्ति ने विद्युत विभाग में कुछ दस्तावेज प्रस्तुत कर ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग पर आपत्ति दर्ज कराई, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले की जांच के लिए विभाग ने रायपुर तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी।

राजस्व रिकॉर्ड को लेकर भी दावा
संघ का कहना है कि तहसीलदार कार्यालय से प्राप्त पटवारी प्रतिवेदन में संबंधित व्यक्ति का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने का उल्लेख है। संगठन का यह भी दावा है कि जांच रिपोर्ट में जमीन पर कब्जे की स्थिति का जिक्र किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विद्युत विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग
भारतीय संत सनातन धर्म रक्षा संघ के पदाधिकारियों ने शंकर नगर स्थित विद्युत कार्यालय पहुंचकर अभियंता को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि विधवा महिला को राहत देते हुए ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। संगठन का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है।
एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ट्रांसफार्मर स्थानांतरण की कार्रवाई नहीं हुई तो शंकर नगर बिजली कार्यालय का घेराव और चक्काजाम जैसे आंदोलन किए जाएंगे। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महिला ने सुरक्षा और न्याय की मांग की
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला पर प्रभाव का हवाला देकर दबाव बनाने और धमकी देने की कोशिश की गई। पीड़ित महिला ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है। फिलहाल यह मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








