तिल्दा में शालेय प्रवेश उत्सव में बोले राजस्व मंत्री, गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा पर दिया जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक बन सके।

तिल्दा में मनाया गया शालेय प्रवेश उत्सव
रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड स्थित शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत प्रतिनिधि तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नैतिक मूल्यों पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने विद्यार्थियों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को आत्मसात करने और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

स्कूलों में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश
राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और अनुशासन से जोड़ने के उद्देश्य से प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोकों का समावेश किया गया है। उनका कहना था कि इससे छात्रों में नैतिकता, अनुशासन और संस्कारों का विकास होगा।
11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के लिए 3 करोड़ मंजूर
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।








