1 जनवरी को खेत में मिला था शव, अब तक मौत के कारणों का नहीं हुआ आधिकारिक खुलासा
बालोद। जिले में करीब सात महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आरक्षक लिकेश पटेल की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लंबे समय बाद भी मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बालोद थाना प्रभारी से विस्तृत प्रतिवेदन और केस डायरी तलब की है।

खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था शव
मिली जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम टेकापार के पास एक खेत में आरक्षक लिकेश पटेल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उस समय वे मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पदस्थ थे।

सात महीने बाद फिर शुरू हुई जांच
घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की थी। हालांकि, सात महीने बीत जाने के बाद भी आरक्षक की मौत के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हो सका। अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने मामले की जांच की प्रगति और अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

थाना प्रभारी से मांगा गया पूरा रिकॉर्ड
मामले में थाना प्रभारी को जांच से संबंधित दस्तावेजों और अब तक की कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के निर्देश के बाद मामले की जांच एक बार फिर सक्रिय हो गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरक्षक लिकेश पटेल की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी और क्या इस मामले में किसी अन्य पहलू की भी जांच जरूरी है।









