ईडी की रिमांड खत्म होने के बाद ईओडब्ल्यू ने लिया कब्जे में, घोटाले के विभिन्न पहलुओं की होगी जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। शराब निगम के तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी उर्फ एपी त्रिपाठी को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने न्यायालय की अनुमति के बाद रिमांड पर ले लिया है। अदालत ने उन्हें 26 जुलाई तक ईओडब्ल्यू की हिरासत में भेजा है।

ईडी की कार्रवाई के बाद ईओडब्ल्यू की एंट्री
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ दिन पहले एपी त्रिपाठी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। ईडी की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। इसी दौरान ईओडब्ल्यू ने ओवरटाइम भुगतान घोटाले की जांच के लिए उनकी कस्टडी मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

घोटाले के कई पहलुओं पर होगी पूछताछ
अब ईओडब्ल्यू की टीम एपी त्रिपाठी से कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि भुगतान प्रक्रिया में किस तरह की अनियमितताएं हुईं, इसमें किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही तथा सरकारी खजाने को कितना नुकसान पहुंचा।

जांच पर सभी की नजर
ईओडब्ल्यू की रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ को इस मामले में अहम माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है और मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल एजेंसी पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी हुई है।








