सन्नाटे के बीच पहला कदम: बाबा बर्फानी की ‘प्रथम पूजा’
कश्मीर हिमालय|घाटी की बर्फीली हवाओं और आसमान छूती चोटियों के बीच, आज सुबह एक प्राचीन रहस्यमयी अनुष्ठान का आगाज़ हुआ। अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत से ठीक पहले, ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर पवित्र गुफा में ‘प्रथम पूजा’ (Pratham Puja) संपन्न की गई।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने खुद इस दुर्गम गुफा में पहुंचकर बाबा बर्फानी के दिव्य हिमलिंग स्वरूप के दर्शन किए और देश में शांति और खुशहाली की कामना की। मंत्रोच्चार की ध्वनि ने पहाड़ों के उस सन्नाटे को पूरी तरह से जीवंत कर दिया जो महीनों से यहां पसरा हुआ था।

3 जुलाई से खुलेगा आस्था का द्वार
यह पूजा केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि उस महा-यात्रा का शंखनाद है जिसका इंतजार देश के लाखों श्रद्धालु सालभर करते हैं। इस साल 57 दिनों तक चलने वाली यह तीर्थयात्रा 3 जुलाई 2026 से औपचारिक रूप से शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) को संपन्न होगी। श्रद्धालु दो पारंपरिक रास्तों से बाबा के दरबार तक पहुंचेंगे:
- पहलगाम मार्ग (अनंतनाग): यह पारंपरिक और थोड़ा लंबा रास्ता है, जिसे पार करने में 3 से 4 दिन का समय लगता है।
- बालटाल मार्ग (गांदरबल): यह काफी सीधा, खड़ी चढ़ाई वाला और छोटा रास्ता है, जिससे एक ही दिन में दर्शन कर लौटा जा सकता है।
आसमान से जमीन तक ‘हॉक आई’: अभेद्य सुरक्षा का महा-ट्रायल
पवित्र गुफा तक पहुंचने वाले दुर्गम रास्तों पर सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था ही नहीं, बल्कि सुरक्षाबलों का सख्त पहरा भी तैयार हो चुका है। यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा का एक बड़ा ‘ड्राई रन’ (ट्रायल) किया गया।
सुरक्षा को अचूक बनाने के लिए इस बार “प्रोजेक्ट हॉक आई” (Project Hawk Eye) लॉन्च किया गया है, जिसके तहत सुरक्षा का ढांचा कुछ इस तरह तैयार है:
- आसमान से नजर: पूरे यात्रा मार्ग पर हाई-टेक ड्रोन लगातार उड़ान भर रहे हैं, जो हर संदेहास्पद गतिविधि पर रियल-टाइम नज़र रखेंगे।
- फेस रिकग्निशन कैमरे: रास्ते में 6 संवेदनशील जगहों पर 34 ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ (FRS) कैमरे लगाए गए हैं ताकि किसी भी असामाजिक तत्व को तुरंत पहचाना जा सके। इसके अलावा 416 सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है।
- मचान मोर्चे और स्नाइपर्स: संवेदनशील और ऊंचे पहाड़ी इलाकों पर 28 विशेष मचान (ऊंचे ऑब्जर्वेशन पोस्ट) बनाए गए हैं, जहां 22 स्नाइपर (निशानेबाज) टीमें तैनात रहेंगी।
- हाईवे सैनिटाइजेशन: सेंट्रल रिजर्व प्रदेश फोर्स (CRPF), भारतीय सेना और पुलिस की संयुक्त ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ (ROP) बम निरोधक दस्तों और खोजी कुत्तों के साथ मिलकर रोज़ सुबह नेशनल हाईवे-44 के चप्पे-चप्पे की जांच कर रही है।
प्रशासन और स्थानीय समुदायों के आपसी तालमेल के साथ अब कश्मीर की वादियां तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह सज चुकी हैं।











