SDRF की जांच में खुली बड़ी लापरवाही, न इमरजेंसी एग्जिट मिला, न फायर सेफ्टी के इंतजाम; छात्रों की जान खतरे में
भिलाई में संचालित 100 से अधिक कोचिंग संस्थान अब प्रशासन और SDRF की रडार पर हैं। हाल ही में हुई फायर सेफ्टी जांच में कई बड़े कोचिंग सेंटरों में गंभीर खामियां सामने आई हैं। जांच टीम को अधिकांश संस्थानों में न तो इमरजेंसी एग्जिट मिला और न ही आग लगने की स्थिति से निपटने के पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम दिखाई दिए। इसके बाद संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर जल्द सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर लापरवाही पाए जाने पर कई कोचिंग सेंटरों को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

जांच के दौरान यह पाया गया कि कई संस्थान संकरी इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जहां एक साथ सैकड़ों छात्र पढ़ाई करते हैं। लेकिन आग लगने जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। कई जगहों पर फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास मार्ग तक मौजूद नहीं पाए गए। ऐसी स्थिति में किसी हादसे की आशंका को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है।
नोटिस के बाद मची हड़कंप
SDRF और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थानों ने आनन-फानन में सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बड़े हादसे से पहले चेतावनी
देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग संस्थानों में हुए अग्निकांड और हादसों के बाद प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। इसी कड़ी में भिलाई में भी व्यापक जांच अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर खामियां दूर नहीं करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सीलिंग सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में भिलाई के कई कोचिंग संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। छात्रों और अभिभावकों से भी संस्थान चुनने से पहले सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करने की अपील की गई है।











