शक्ल-सूरत नहीं मिलने पर माता-पिता ने कराया DNA टेस्ट, रिपोर्ट सामने आते ही मच गया हड़कंप; अब सवाल- उनके असली बच्चे आखिर कहां हैं?
एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ एक परिवार की दुनिया हिला दी, बल्कि आधुनिक मेडिकल सिस्टम और IVF प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस दंपति ने वर्षों के इंतजार और लाखों रुपये खर्च करने के बाद दो जुड़वां बच्चियों को अपनी गोद में लिया, उन्हें क्या पता था कि एक दिन DNA रिपोर्ट उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा रहस्य बन जाएगी।
बताया जा रहा है कि दंपति ने संतान प्राप्ति के लिए IVF तकनीक का सहारा लिया था। इलाज सफल रहा और महिला ने जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। परिवार में खुशियां छा गईं, लेकिन समय बीतने के साथ माता-पिता को बच्चियों की शक्ल-सूरत और शारीरिक बनावट को लेकर संदेह होने लगा। बच्चियों में न तो पिता की झलक दिख रही थी और न ही मां से कोई समानता नजर आ रही थी।
DNA टेस्ट ने खोल दिया सबसे बड़ा राज
शक गहराने पर दंपति ने DNA टेस्ट करवाने का फैसला किया। जब रिपोर्ट सामने आई तो पैरों तले जमीन खिसक गई। रिपोर्ट के अनुसार बच्चियों का DNA न तो मां से मेल खाता था और न ही पिता से। यानी जिन बच्चों को उन्होंने अपना समझकर पाला, उनका जैविक संबंध उनसे नहीं था।
कोख में पलने वाले बच्चे आखिर किसके थे?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर बच्चियां दंपति की नहीं थीं, तो फिर उनके असली बच्चे कहां गए? क्या IVF प्रक्रिया के दौरान भ्रूणों की अदला-बदली हुई? क्या किसी तकनीकी गलती ने दो परिवारों की जिंदगी बदल दी? या फिर इसके पीछे कोई और बड़ा रहस्य छिपा है? इन सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियां तलाश रही हैं।
कोर्ट तक पहुंचा मामला
मामले ने तूल पकड़ने के बाद दंपति ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने भी इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर माना है। अब संबंधित IVF सेंटर की प्रक्रियाओं, रिकॉर्ड और भ्रूण प्रबंधन व्यवस्था की जांच की जा रही है।
देशभर में छिड़ी बहस
इस घटना के सामने आने के बाद IVF तकनीक की सुरक्षा और निगरानी को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भ्रूणों की पहचान और संरक्षण में जरा सी भी चूक हुई है तो यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए खतरे की घंटी है।
फिलहाल सबसे बड़ा रहस्य यही बना हुआ है—जिस मां ने नौ महीने तक बच्चों को अपनी कोख में रखा, वे बच्चे उसके अपने क्यों नहीं निकले? और सबसे अहम, उस दंपति के असली बच्चे आखिर कहां हैं? इस सवाल का जवाब मिलने तक यह मामला देश की सबसे चौंकाने वाली मेडिकल मिस्ट्री बना रहेगा।











