दुर्ग में 62 कोचिंग सेंटर्स को नोटिस, बिलासपुर में 5 संस्थानों पर कार्रवाई; सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिलने पर एक सेंटर सील
लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर शुरू हुए विशेष अभियान में दुर्ग और बिलासपुर के कई कोचिंग संस्थानों की जांच की गई, जहां फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं। इसके बाद अधिकारियों ने सख्त कदम उठाते हुए दर्जनों संस्थानों को नोटिस जारी कर दिया।

जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में जांच के दौरान 62 कोचिंग सेंटरों में फायर एग्जिट, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई। प्रशासन ने सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। वहीं बिलासपुर में भी फायर सेफ्टी टीम और नगर निगम अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया, जहां 5 कोचिंग सेंटरों को नोटिस थमाया गया और एक संस्थान को सील कर दिया गया।
जांच के दौरान कई भवनों में आपातकालीन निकास द्वार नहीं मिले। कुछ जगहों पर संकरी सीढ़ियां, अव्यवस्थित बिजली वायरिंग और अग्निशमन उपकरणों की कमी भी सामने आई। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही छात्रों की जान के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ अग्निकांड के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है और बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए गए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ प्रशासन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में सुरक्षा संबंधी कमियां दूर नहीं की गईं तो नोटिस के बाद सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस अभियान से जिले के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि अभिभावक प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं।











