एकीकृत विकास परियोजना पर अंतरविभागीय बैठक में लिए गए अहम निर्णय
Raipur। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। पर्यटन विभाग ने सिरपुर के समग्र विकास और इसे विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की है।
सचिव की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और इसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
इस बैठक में Archaeological Survey of India, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विकास कार्यों की समीक्षा और समन्वय पर जोर
बैठक में प्रथम बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई। पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए।
साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
पर्यटन सुविधाओं और गाइड व्यवस्था पर विशेष फोकस
पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बैठक में प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गाइडों के लिए न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने और प्रमुख स्थलों जैसे लक्ष्मण मंदिर एवं पर्यटन सूचना केंद्र पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने और उन्हें पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी विशेष पहल करने को कहा गया।
सिरपुर के समग्र विकास की दिशा में तेजी
सरकार का लक्ष्य सिरपुर को एक मॉडल विरासत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे न केवल देश-विदेश से पर्यटक आकर्षित हों, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले।










