ईओडब्ल्यू-एसीबी की कार्रवाई, 6 साल पुराने मामले में बड़ा खुलासा
रायपुर/बिलासपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ईओडब्ल्यू-एसीबी) ने बैंक ऑफ बड़ौदा में हुए बहुचर्चित बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी विश्वजीत भौमिक को पूछताछ के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। आरोपी को 14 दिन की पुलिस रिमांड में पूछताछ के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए गए।
18 जून 2026 को हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई लगभग छह वर्ष पुराने मामले की विस्तृत जांच के बाद की गई है। आरोपी विश्वजीत भौमिक (56 वर्ष), निवासी विवेकानंद नगर मोपका, वर्तमान पता विनोबा नगर गायत्री मंदिर के पास, बिलासपुर को 18 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 12 एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में वित्तीय अनियमितताओं और बैंकिंग प्रक्रिया के दुरुपयोग की गंभीर आशंका है।
14 दिन की रिमांड के बाद भेजा गया जेल
ईओडब्ल्यू-एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद 14 दिनों तक पूछताछ की। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया गया।
जांच एजेंसियां कर रही हैं आगे की जांच
अधिकारियों के अनुसार, बैंक घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। आने वाले दिनों में और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। यह मामला राज्य के चर्चित बैंक घोटालों में से एक माना जा रहा है।









