हाईवे पर खड़े वाहनों से डीजल चोरी करने वाला संगठित नेटवर्क उजागर
छत्तीसगढ़ के Balod जिले में लगातार हो रही डीजल चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबे समय से हाईवे और अन्य स्थानों पर खड़े ट्रक-बसों से डीजल चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बनी विशेष टीम
जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक (दुर्ग रेंज) अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा और साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य ने किया।
पहले चरण में दो आरोपी गिरफ्तार, बड़ी बरामदगी
13 जून को पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान पहले चरण में दो आरोपियों शिवपाल और देवेंद्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार, सूमो गोल्ड, स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन और करीब 490 लीटर चोरी का डीजल बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 5.51 लाख रुपये आंकी गई।
रायपुर के उरला में छिपे मिले गिरोह के सदस्य
जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए साइबर सेल और बालोद पुलिस की संयुक्त टीम ने Raipur के उरला क्षेत्र में दबिश दी। यहां किराए के मकान में छिपे गिरोह के 7 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
इस कार्रवाई में सोनू वाल्मिकी, गणेश साव, अरुण फुलेरिया, तुषार माली, राहुल चंदेल, राकेश चंदेल, होकम सिंह मालवी और धरमराज फुलेरिया को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था।
पूछताछ में बड़ा खुलासा: मध्य प्रदेश तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के दुपाड़ा गांव निवासी ‘क्रिश’ नामक व्यक्ति उन्हें चोरी के लिए प्रेरित करता था। चोरी का डीजल Bhilai के गणेश साव को बेचा जाता था, जो इस पूरे नेटवर्क में मुख्य भूमिका निभाता था।
चोरी का तरीका और नेटवर्क का संचालन
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियों का उपयोग कर अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचते थे। ये लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा और कुम्हारी जैसे इलाकों में खड़े वाहनों के डीजल टैंक के लॉक तोड़कर पाइप के जरिए डीजल निकालते थे। इसके बाद गैलन में भरकर इसे तय नेटवर्क के माध्यम से आगे सप्लाई किया जाता था।
अंतरराज्यीय गिरोह पर पुलिस की नजर, जांच जारी
पुलिस ने बताया कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश के लोग भी शामिल हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया गया है और अन्य कौन लोग इसमें शामिल हैं।पुलिस अब गिरोह के वित्तीय लेन-देन और सप्लाई चैन की भी जांच कर रही है, साथ ही फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
प्रशासन का दावा, चोरी की घटनाओं पर लगेगा अंकुश
अधिकारियों का कहना है कि इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में डीजल चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण आने की उम्मीद है।







