छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर शिकंजा, 8 स्थानों पर एक साथ छापेमारी से मचा हड़कंप
Raipur में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने संयुक्त अभियान चलाते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता Bhagirath Verma को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर टेंडर आवंटन में गंभीर अनियमितताओं, रिश्वत मांगने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
8 ठिकानों पर छापेमारी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद
EOW-ACB की टीमों ने रायपुर, बिलासपुर और मध्यप्रदेश के उज्जैन सहित कुल 8 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। सभी सामग्री को जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।प्रारंभिक जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कई संदिग्ध लेनदेन और गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिससे मामले के और अधिक व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और रिश्वतखोरी के संकेत
जांच एजेंसी के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि टेंडर आवंटन के दौरान किस तरह नियमों का उल्लंघन किया गया और किन स्तरों पर रिश्वतखोरी की गई।अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है, जिसके लिए जांच को और तेज कर दिया गया है।
10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी भागीरथ वर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस अवधि में EOW-ACB उनसे गहन पूछताछ करेगी और पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश की जाएगी।जांच एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।







