लोन दिलाने के नाम पर रची जा रही थी ठगी की साजिश
बिलासपुर। सिविल लाइन पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लोगों की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर ठगी की तैयारी कर रहे एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने अग्रसेन चौक स्थित सुपर मार्केट में संचालित ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेज कार्यालय पर छापेमारी कर संचालिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अवैध तरीके से खरीदा गया था लोगों का निजी डेटा
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने करीब एक लाख लोगों का निजी डेटा अवैध रूप से खरीदा था। इस डेटा में लोगों की व्यक्तिगत जानकारी शामिल थी, जिसका उपयोग उन्हें फोन कर लोन दिलाने का झांसा देने और ठगी की योजना को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
कॉल कर फंसाए जाते थे संभावित ग्राहक
जांच के अनुसार, आरोपी इस डेटा के आधार पर लोगों से संपर्क करते थे और आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराने का दावा करते थे। इसके जरिए बड़ी संख्या में लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो कई लोग इस ठगी का शिकार हो सकते थे।
कार्यालय पर छापेमारी में मिले अहम सबूत
सिविल लाइन पुलिस ने सूचना मिलने पर ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेज के कार्यालय में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ग्राहकों से संबंधित रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस इन सामग्रियों की जांच कर रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि निजी डेटा कहां से खरीदा गया और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
साइबर अपराध और डेटा सुरक्षा पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद लोगों के निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लोन ऑफर या व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले व्यक्ति पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।








