शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं पर की आत्मीय चर्चा
दुर्ग। कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के प्रति संवेदनशील पहल करते हुए कलेक्टर Abhijeet Singh ने दस बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनके भविष्य, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बच्चों से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी जरूरतों और आकांक्षाओं को समझने का प्रयास किया गया।
बच्चों की पढ़ाई और करियर योजनाओं की ली जानकारी
कलेक्टर ने प्रीति टंडन, करीना टंडन, स्पनिल बोस, दुष्यंत कुमार साहू, जयंत कुमार साहू, वैभव बंजारे, सुल्ताना खान, यमुना ठाकुर, जय ठाकुर और रविन्द्र कुमार टंडन सहित दस बच्चों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनके वर्तमान विद्यालय, पढ़ाई की स्थिति, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे आगे चलकर किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और उनके सपनों को पूरा करने के लिए शासन स्तर पर किस प्रकार सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ली
कलेक्टर ने बच्चों से छात्रवृत्ति और शासन द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सहायता योजनाओं के लाभ मिलने की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पात्र बच्चों तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
पीएम केयर्स और अन्य योजनाओं से मिल रही सहायता
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोविड-19 में अनाथ हुए बच्चों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की जा रही है। इनमें PM CARES Fund से लाभान्वित बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना, महतारी दुलार योजना और आपदा प्रबंधन राहत कोष के तहत एक्स-ग्रेशिया सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर एकमुश्त 10 लाख रुपये की राशि प्रदान करने का प्रावधान है। वहीं कक्षा पहली से 12वीं तक अध्ययनरत लाभार्थियों को प्रतिवर्ष 20 हजार रुपये की छात्रवृत्ति भी दी जा रही है।
आवश्यक दस्तावेज समय पर बनाने के निर्देश
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी बच्चों के आधार कार्ड, बायोमेट्रिक अपडेट, 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं के मतदाता पहचान पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने बच्चों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपनों को साकार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।










