किराना व्यवसायी को सकुशल छुड़ाया, हथियार और फर्जी पुलिस वाहन जब्त
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही थाना क्षेत्र में हुए अपहरण और फिरौती के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में अपहृत किराना व्यवसायी गिरीश यादव को सकुशल बरामद कर लिया गया है। वहीं, इस वारदात में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और फर्जी पुलिस वाहन भी जब्त किए गए हैं।
दिनदहाड़े घर के बाहर से किया गया था अपहरण
पुलिस के अनुसार, 20 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे ग्राम उषाढ़ निवासी किराना व्यवसायी गिरीश यादव अपने घर के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान एक बलेनो कार वहां पहुंची, जिसमें सवार दो हथियारबंद बदमाशों ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें धमकाया और जबरन वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया।
घटना के दौरान परिजनों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर अलग कर दिया और गिरीश यादव को लेकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।
20 लाख रुपये की फिरौती मांगकर दी जान से मारने की धमकी
अपहरण के बाद आरोपियों ने पीड़ित के घर में छूटे मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से संपर्क किया। कॉल करने वालों ने गिरीश यादव की रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद परिजनों ने तत्काल मरवाही थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 110/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। लगातार तीन दिनों तक चली जांच और छापेमारी के बाद पुलिस ने अपहृत व्यवसायी को सुरक्षित बरामद कर लिया।
अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने इस अपहरण कांड में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और फर्जी पुलिस वाहन बरामद किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी आपराधिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई की सराहना
महज तीन दिनों में अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर मामले का खुलासा कर पीड़ित को सुरक्षित छुड़ाने पर पुलिस की कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।







