साइबर सेल की मदद से रोहतास जिले में दबिश, पहले ही दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर एक युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल कर 70 हजार रुपये की रंगदारी मांगने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को साइबर तकनीकी की मदद से ट्रेस कर रोहतास जिले से पकड़ा गया। इस मामले में पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर रची साजिश, निजी वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने सिटी कोतवाली जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी अकबर खान ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे दोस्ती की और बाद में जांजगीर आकर उसे झांसे में लेकर उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपी ने इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करना शुरू कर दिया और हटाने के बदले 70 हजार रुपये की मांग करने लगा। लगातार ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से मदद मांगी।
साइबर सेल की तकनीकी जांच से बिहार तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में नैला चौकी प्रभारी निरीक्षक रंजीत कुमार कंवर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साथ ही साइबर सेल की मदद से इंस्टाग्राम आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मुख्य आरोपी का लोकेशन बिहार के रोहतास जिले में पाया गया, जिसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया अपराध
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जांजगीर-चांपा लाया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने इंस्टाग्राम के जरिए युवती से संपर्क कर धोखे से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए और फिर उन्हें वायरल कर ब्लैकमेल किया। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिससे अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है।
आगे की जांच जारी, अन्य आरोपियों की भूमिका खंगाली जा रही
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अकबर खान (20 वर्ष), निवासी ग्राम चूरेसर, जिला रोहतास (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अपराध में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।








