पेंशनर्स महासंघ ने निर्णय को बताया महत्वपूर्ण कदम
रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने राज्य सरकार द्वारा ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011’ के अंतर्गत पेंशन सहित 14 महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाओं को अधिसूचित कर समय-सीमा निर्धारित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और पेंशनर्स को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पेंशन प्रकरणों में देरी से मिलेगी राहत
नामदेव ने कहा कि लंबे समय से पेंशन स्वीकृति, संशोधन, पारिवारिक पेंशन, बकाया भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों में पेंशनर्स को अनावश्यक देरी और कार्यालयीन प्रक्रियाओं की जटिलताओं का सामना करना पड़ता रहा है।अब सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा तय होने से पेंशनर्स को राहत मिलने की उम्मीद है और सरकारी कार्यालयों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
सख्त क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर
उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास तभी सार्थक होगा जब इसका ईमानदारी और सख्ती से क्रियान्वयन किया जाए। केवल अधिसूचना जारी कर देने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। यदि किसी स्तर पर पेंशन प्रकरणों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है या अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पेंशनर्स को मिले समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं
नामदेव ने कहा कि पेंशनर्स समाज का सम्मानित वर्ग है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित समय-सीमा का पालन हो और लापरवाही, देरी या भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए।पेंशनर्स महासंघ ने विश्वास जताया है कि राज्य सरकार इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू कर समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित करेगी।








